Sunday, 28 April 2013

निजीकरण को रद्द किए बगैर बिजली/पानी के बिल कम नहीं होंगे। - डा. प्रेम सिंह


 सोशलिस्ट पार्टी ने आज फिर शीला दीक्षित का पुतला जलाया।

सोशलिस्ट पार्टी ने शहीद सरदार भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान दिवस व डाॅ. राममनोहर लोहिया के जयंती दिवस के अवसर पर दिल्ली में बिजली और पानी की सेवाओं के निजीकरण के खिलाफ प्रतिरोध मार्च निकालने और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पुतला जलाने के अनिष्चितकालीन अभियान की शुरूआत की थी। उस दिन सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता  सोशलिस्ट पार्टी दिल्ली की अध्यक्ष रेणु गंभीर के नेतृत्व में पांडव नगर, मदर डेयरी, निर्माण विहार, मधुबन चैक होता हुआ लक्ष्मी नगर चैक पहुंचे और लक्ष्मी नगर चैक पर मौजूद जनसमूह के सामने शीला दीक्षित का पुतला फूंका।  
उसी अभियान के तहत सोशलिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आज पूर्वी दिल्ली में त्रिलोकपुरी के 12 ब्लाॅक से 15 ब्लाक तक प्रतिरोध मार्च निकाला और परचे बांटे। उसके बाद 15 ब्लाक के चैराहे पर जनसभा की। जनसभा को संबोधित करते हुए पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव डाॅ. प्रेम सिंह ने स्पष्ट किया कि जो लोग नवउदारवाद एवं निजीकरण को खत्म किए बगैर दिल्ली में बिजली/पानी के दाम कम करवाने की बात करते हैं, वे दरअसल जनता को गुमराह कर रहे हैं। ये लोग नवउदारवाद और कारपोरेट घरानों के समर्थक हैं। सोषलिस्ट पार्टी दिल्ली की जनता को बताना चाहती है कि निजीकरण के रहते, जो कि मौजूदा शीला दीक्षित सरकार की घोषित नीति है, बिजली/पानी के दाम आगे और बढेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जनता द्वारा षासन का काम अपने हाथ में लेने की बात करना भी जनता को गुमराह करना है। सोशलिस्ट पार्टी का मानना है कि षासन करना सरकारों का काम है जो उसे देष के संविधान के मुताबिक करना चाहिए। नवउदारवाद के तहत सरकारें बनती जनता के वोट से हैं लेकिन षासन का काम कारपोरेट घरानों की निजी कंपनियों को सौंप देती हैं। सरकारों के इस संविधान विरोधी रवैये का विकल्प केवल सोषलिस्ट पार्टी दे सकती है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे सोषलिस्ट पार्टी के साथ जुड़ कर कारपोरेट राजनीति के खिलाफ समाजवादी राजनीति को मजबूत करें।
इस मौके पर पार्टी के वरिष्ठ सदस्य डाॅ. अष्वनी कुमार ने कहा कि बिजली/पानी नागरिकों की मूलभूत जरूरतें हैं जिन्हें सरकार ने निजी हाथों में सौंप चुकी है। जो थोड़ा-बहुत सरकार की भूमिका बची है वह भी वल्र्ड बैंक के डिक्टेट पर जल्दी ही खत्म हो जाएगी। उसके बाद कंपनियों की मनमानी लूट और तेज होगी। जनसभा को पार्टी के वरिष्ठ सदस्य शऊर खान, राखी गुप्ता और एसवाईएस के दिल्ली प्रदेश  के अध्यक्ष योगेश पासवान सहित कई लोगों ने संबोधित किया।
जनसभा के बाद राखी गुप्ता ने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पुतला दहन किया गया। प्रतिरोध मार्च और पुतला दहन का अगला कार्यक्रम चांदनी इलाके में होगा। यह क्रम आगे जारी रहेगा।

नीरज
प्रैस प्रभारी
मोबाइल: 9911970162

No comments:

Post a Comment

जाति और योनि के दो कटघरे

डॉ. राममनोहर लोहिया       दुनिया में सबसे अधिक उदास हैं हिन्दुस्तानी लोग | वे उदास हैं, क्योंकि वे ही सबसे ज्यादा गरीब और बीम...