Sunday, 27 August 2017

खट्टर हटें, नए चुनाव हों

प्रेस रिलीज़


      सोशलिस्ट पार्टी शुक्रवार को हरियाणा के पंचकुला और सिरसा समेत सीमावर्ती राज्यों में हुए हिंसक उपद्रव के लिए सीधे हरियाणा और केंद्र सरकार को जिम्मेदार मानती है. बलात्कार के आरोपी डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत रामरहीम सिंह के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के मद्देनज़र पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने सरकार को सप्ताह भर पहले से कानून-व्यवस्था के  पुख्ता इंतज़ाम करने के निर्देश दिए थे. लेकिन हरियाणा सरकार और केंद्र सरकार ने फैसले के दिन संभावित हिंसक उपद्रव को रोकने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाये.
      बलात्कार के आरोपी गुरमीत रामरहीम सिंह ने अपने समर्थकों की भीड़ और हथियारों का जमावड़ा करके फैसले के दिन अदालत पर दबाव बनाने का खुला दुस्साहस किया था. मोदी-शाह-भागवत के वर्चस्व वाली आरएसएस/भाजपा की राजनीति अंधविश्वासों और भीड़तंत्र के प्रश्रय पर टिकी है. इसीलिए हरियाणा और केंद्र सरकार ने वोट बैंक की खातिर गुरमीत रामरहीम सिंह की दबाव बनाने की रणनीति को प्रश्रय दिया. लिहाज़ा, करीब 35 लोगों की मौत, सैंकड़ों लोगों के ज़ख्मी होने और करोड़ों की सपत्ति के विनाश के लिए हरियाणा और केंद्र सरकार सीधे दोषी हैं. पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने दोनों सरकारों के बारे में साफ़ तौर पर यह कहा है.
      सोशलिस्ट पार्टी का कहना है कि देश में अंधविश्वास और भीड़तंत्र इसी तरह बढ़ता रहा तो लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाएं नष्ट हो जायेंगी. नागरिक जीवन से सुरक्षा और शांति ख़त्म हो जायेगी. लिहाज़ा, सोशलिस्ट पार्टी नागरिकों से अपील करती है कि वे पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर गंभीरतापूर्वक विचार करें और इस घातक प्रवृत्ति को रोकें.
                सोशलिस्ट पार्टी पीड़िता को लम्बे संघर्ष के बाद न्याय देने वाले सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले का स्वागत करती है. पार्टी पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के समयानुकूल कथन - "राष्ट्रीय एकता और कानून एवं व्यवस्था सबसे ऊपर हैं. हम एक राष्ट्र हैं, एक पार्टी का राष्ट्र नहीं. नेताओं को यह समझना चाहिए कि राष्ट्र एक है. प्रधानमंत्री भारत के हैं, भाजपा के नहीं." - का भी स्वागत करती है. 
      सोशलिस्ट पार्टी यह स्पष्ट करना चाहती है कि आरएसएस प्रचारक का जनता, संविधान, प्रशासनिक तंत्र और उसके साथ जुडी जिम्मेदारी से कोई वास्ता नहीं होता. वह अपने संगठन के अंधविश्वासों और अज्ञान की दुनियां में जीता है. हरियाणा में पिछले साल जाट-आरक्षण आंदोलन और अब अदालत के फैसले के बाद हुए हिंसक उपद्रव बताते हैं कि भाजपा ने आरएसएस प्रचारक मनोहर लाल खट्टर को मुख्यमंत्री बना कर हरियाणा और वहां से चंडीगढ़, हिमाचल, पंजाब और जम्मू-कश्मीर आने-जाने वाले नागरिकों के जीवन को खतरे में डाल दिया है. सोशलिस्ट पार्टी खट्टर के इस्तीफे और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा कर नए चुनाव कराने की मांग करती है.
     

डॉ. प्रेम सिंह
अध्यक्ष
मोबाइल : 8826275067      

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प्रतिक्रांति के हमसफर

(यह टिप्पणी 2014 की है. हस्तक्षेप पर प्रकाशित हुई थी. 5 साल बाद देश और दिल्ली में अब फिर चुनाव होंगे. टिप्पणी फिर से इसलिए दी जा रही है ...