Friday 11 August 2017

"संविधान विरोधी सत्ता छोड़ो" रैली

10 अगस्त 2017

अगस्त क्रांति की 75वीं सालगिरह पर सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) की रैली सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने 9 अगस्त 2017 भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं सालगिरह पर "संविधान विरोधी सत्ता छोड़ो" रैली का आयोजन किया। इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रेम सिंह के नेतृत्व में मंडी हाऊस से 
जंतर-मंतर तक एक रैली का आयोजन किया गया। रैली को वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप नैयर ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उहोनें उस दिन और दौर को याद करते हुए कहा कि अगस्त क्रांति के आदर्शों को हमें याद रखना चाहिए. वह पूरे भारत वासियों का संघर्ष था और विभाजनकारी शक्तियां अलग-थलग पद गई थीं. सोशलिस्ट पार्टी ने अगस्त क्रांति की मशाल को लोगों के बीच ले जाने जो जरूरी काम किया है उसकी मैं तारीफ करता हूँ. रैली में सैकड़ों की तादाद में पार्टी कार्यकर्ता और सहमना साथियों ने शिरकत की। इस मौके पर युवाओँ की अच्छी खासी भागीदारी रही। तमाम लोग ज़ोरदार बारिश के बावजूद पूरे उत्साह से नारे लगाते नज़र आए।

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का मकसद देश वासियों तक ये संदेश पहुंचाना था कि सरकारों द्वारा नीति-निर्धारण का काम संविधान में उल्लिखित "राज्य के नीति निर्देशक तत्वों" के आधार पर हो ना कि नवउदारवाद शक्तियों के इशारे पर। सोशलिस्ट पार्ट 'भारत छोड़ो आंदोलन' की 75वीं वर्षगांठ पर संविधान की प्रस्तावना में उल्लिखित समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत निर्माण के संकल्प पर मंडरा रहे खतरे से भी देश की जनता को सावधान करना चाहती है। साथ ही आज़ादी के आंदोलन के मूल्यों को कमजोर करने वाली सरकारों को चुनौती भी देती है।  

समाजवादी चिंतक डॉ राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि '9 अगस्त का दिन हम भारतवासियों के जीवन की महान घटना है, 15 अगस्त भारत के राज्य का दिन है जबकि 9 अगस्त भारत की जनता का दिन है।' डॉ लोहिया भारत छोड़ो आंदोलन के 50 साल पूरे होने पर 26 जनवरी से भी बड़ा समारोह करना चाहते थे। डॉ लोहिया के इसी सपने को साकार करने के लिए सोशलिस्ट पार्टी इंडिया ने भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ पर एक बड़ी रैली और जनसभा का आयोजन किया।
'संविधान विरोधी सत्ता छोड़ो' रैली जब जंतर-मंतर पहुंची तो एक जनसभा में तब्दील हो गई। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के अलावा सोशलिस्ट युवजन सभा के साथी और दसरे समाजवादी बुद्धिजीवी भी सभा में मौजूद रहे। सभा की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजवादी और पार्ट के उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा ने की जबकि पार्टी के वरिष्ठ सदस्य पन्नालाल सुराणा मंच पर मौजूद रहे।

जंतर-मंतर की जनसभा में सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रेम सिंह, पार्टी के उपाध्यक्ष बलवंत सिंह खेड़ा, वरिष्ठ सदस्य पन्नालाल सुराणा, संदीप पांडेय, श्याम गंभीर, रेणु गंभीर, चरण सिंह राजपूत और पार्टी के कोषाध्यक्ष और गुजरात से आए जयंतीभाई पांचाल ने शिरकत की। इसके साथ ही केरल इकाई के अध्यक्ष राजशेखरन नायर, बिहार इकाई के अध्यक्ष डॉ सुशील कुमार, पार्टी के संगठन मंत्री फैजल ख़ान, दिल्ली प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्ष तहसीन अहमद, पंजाब इकाई के अध्यक्ष हरिन्द्र सिंह मनसहिया, मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष रामस्वरूप जी, वरिष्ठ समाजवादी रामबाबू अग्रवाल, समाजवादी जनता पार्टी की युवा इकाई के अध्यक्ष शादात अनवर और पार्टी की दूसरी राज्य इकाईयों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन तमाम नेताओं ने जनसभा को संबोधित भी किया। 

जनसभा को 'सोशलिस्ट युवजन सभा' की महासचिव बंदना पांडेय और गौतम प्रीतम ने भी संबोधित किया। जनसभा में सोशलिस्ट पार्टी(इंडिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ प्रेम सिंह ने कहा कि इस देश की सरकारें देशवासियों की संपत्ति की हिफाजत करने की बजाय उसे कॉर्पोरेट को सौंपने में जुटी है। डॉ प्रेम सिंह ने कहा कि अब हमारे सामने लोकतंत्र, समाजवाद और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बचाने की चुनौती है। डॉ सिंह ने कहा कि अगर गांधी, लोहिया और जयप्रकाश के सपनों का भारत नहीं बन पाया तो इसमें समाजवादी झंडा थामकर चलनेवाले नेताओं का दोष भी बराबर है । डॉ सिंह ने कहा कि अगर समाजवाद का नाम लेनेवाली पार्टियों और नेताओं ने अपनी भूमिका ठीक से निभाई होती तो ना तो उदारीकरण के सामने इस देश की सियासत घुटने टेक पाती और ना ही बाबरी मस्जिद की शहादत होती। डॉ प्रेम सिंह ने कहा कि असली समाजवादी वही है जो निर्भीक हो और चुनौतियों से संघर्ष करने के
लिए हर पल तैयार रहता हो।

सोशलिस्ट युवजन सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज ने जनसभा में धन्यवाद ज्ञापित किया।


तहसीन अहमद  
कार्यकारी अध्यक्ष 
मोबाइल : 96 54 07 95 28 

No comments:

Post a Comment

New Posts on SP(I) Website

लड़खड़ाते लोकतंत्र में सोशलिस्ट नेता मधु लिमए को याद करने के मायने आरोग्य सेतु एप लोगों की निजता पर हमला Need for Immediate Nationalisation ...