Saturday, 13 October 2012

कांग्रेस के कपट में शामिल है बहुजन समाज पार्टी

यूपीए सरकार ने खुदरा में विदेशी निवेश का फैसला देश के खुदरा व्यापारियों और किसानों के हित में नहीं किया है । यह सच्चाई आईने की तरह साफ़ है की सरकार का फैसला इस क्षेत्र की वालमार्ट, कारफूर, टेस्को जैसी विदेशी और रिलायंस जैसी भारतीय कंपनियों के हित में किया है । 2009 में ही विकिलीक्स के खुलासे से पता चल गया था कि खुदरा में विदेशी निवेश के फैसले के पीछे अमेरिका का हाथ है ।यह सच्चाई  पिछले कुछ सालों से चल रही बहस से सामने आ चुकी है की सरकार के इस फैसले से व्यापारियों और किसानों के साथ उपभोक्ताओं का शोषण होना भी तय है । फिर भी बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है की वे देखेंगी की अगर विदेशी निवेश से व्यापारियों और किसानों का नुक्सान होगा तो वे इस फैसले का विरोध करेंगी । यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सबसे बड़े प्रदेश की कई बार मुख्यमंत्री रह चुकी नेता को भारत की अर्थव्यवस्था और सामाजिकता की कीमत पर किए गए इस फैसले के नफा-नुकसान का अभी पता ही नहीं है ।

सोशलिस्ट पार्टी का मानना है की मायावती भी मुलायम सिंह की तरह देश के साथ किए जा रहे कांग्रेसी कपट में शामिल है । आज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उनहोने यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेने की घोषणा नहीं की । यह बताता है की वे सामाजिक न्याय की नहीं, मौकापरस्ती की राजनीति करती हैं ।

डॉ. प्रेम सिंह
महासचिव 

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